Month : July 2022
सेवासदन के सौ वर्ष : स्त्री मुक्ति का भारतीय पाठ
सदानन्द शाही आज से सौ वर्ष पहले प्रेमचंद ने एक उपन्यास लिखा- सेवासदन। सेवासदन की याद आज केवल इसलिए नहीं आ रही है कि...
‘कर्मभूमि’ के 10वें अंक का लोकार्पण
गोरखपुर, 25 मई 2022 । प्रेमचंद साहित्य संस्थान की अर्द्ध वार्षिक पत्रिका ‘कर्मभूमि’ के अंक 10 का, आज शाम 5 बजे प्रसिद्ध कथाकार प्रोफेसर रामदेव...
प्रेमचंद की नज़र में राष्ट्र
गोपेश्वर सिंह ( राष्ट्र , राष्ट्रीयता और राष्ट्रवाद को लेकर इधर अक्सर बहस होती है। हमारे महान लेखक प्रेमचंद के इस विषय में क्या विचार...
प्रेमचंद को कैसे पढ़ें ?
सुनने में यह थोड़ा विचित्र लग सकता है लेकिन है जरूरी सवाल । जरूरी इसलिए कि प्रेमचंद को पढ़ने की इतनी दृष्टियाँ हैं ,इतने विचार...
